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Showing posts from December, 2015

हमारे प्रेम ने एक कर दिया धर्म पर लड़ने वालों को

क्रूरता अपने चरम पर है
और सत्ता शामिल है क्रूरता के इस चक्रव्यू में
ऐसे हम दोनों मग्न हैं प्रेम में
जल्द ही ज़ारी किये जाएँगे फ़तवे हमारे खिलाफ़
खाप इंतज़ार में था हमारे प्रेम के लिए
बहुत दिनों से खाली पड़ी थी उनकी बैठक
और हम गर्व महसूस कर रहे हैं अपने प्रेम पर
देखो, बर्दस्त नहीं उन्हें हमारी ख़ुशी
पंडित और मौलाना हाथ मिला रहे हैं
हमारी मौत की साजिस में
उनकी साज़िस में शामिल हैं हमारे अपने भी
हमारा प्रेम ही उनकी एकता है
और इसलिए मैं खुश हूँ
कि हमारे प्रेम ने एक कर दिया धर्म पर लड़ने वालों को
और इसलिए अब मुझे भय नहीं लगता प्रेम में
मरने से ...... यूँ ही ...तुम्हें सोचते हुए

तुम्हारे सब कुछ में कहीं मेरा नाम नहीं

तुम्हारा सब कुछ
सिर्फ तुम्हारा है
और तुम्हारे सब कुछ में
कहीं मेरा नाम नहीं सब कुछ से अलग
जो तुम हो
वो मेरा है मैंने तुम्हें अपना माना
यही मेरा अपराध है